लखनौ पंचांग, बुधवार, 6 ऑक्टोबर, 2027
लखनौ साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल सप्तमी 04:14 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर शुक्ल अष्टमी 06:28 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | मूळ 04:28 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर पूर्वाषाढा 07:14 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | सौभाग्य 11:37 पर्यंतनंतर शोभन 12:03 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | गरज 15:18 पर्यंतनंतर वणिज 04:14 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर विष्टी (भद्रा) 17:17 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | आश्विन (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:01 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:48 |
| चंद्रोदय | 12:04 |
| चंद्रास्त | 22:28 |
| सूर्य राशी | कन्या |
| चंद्र राशी | धनु |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:31 ते 12:18अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 11:54 ते 13:23 |
| यमगंड | 07:29 ते 08:58 |
| गुलिक काळ | 10:26 ते 11:54 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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