लखनऊ का पंचांग, बुधवार, 14 जुलाई 2027
लखनऊ के लिए, एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक की गणना।
त्योहार
- आषाढ़ी एकादशी (देवशयनी)
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | शुक्ल एकादशी 13:11 तकफिर शुक्ल द्वादशी 14:41 (अगले दिन) तक |
|---|---|
| नक्षत्र | अनुराधा 03:18 (अगले दिन) तकफिर ज्येष्ठा 05:39 (अगले दिन) तक |
| योग | शुभ 12:48 तकफिर शुक्ल 13:02 (अगले दिन) तक |
| करण | विष्टि (भद्रा) 13:11 तकफिर बव 01:52 (अगले दिन) तक; फिर बालव 14:41 (अगले दिन) तक |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | आषाढ़ (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शक 1949 |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 05:21 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 19:03 |
| चंद्रोदय | 15:43 |
| चंद्रास्त | 01:23 |
| सूर्य राशि | मिथुन |
| चंद्र राशि | वृश्चिक |
दिन के समय
| अभिजीत मुहूर्त | 11:45 से 12:39 तककई पंचांग बुधवार को अभिजीत नहीं लेते। |
|---|---|
| राहुकाल | 12:12 से 13:55 तक |
| यमगंड | 07:04 से 08:47 तक |
| गुलिक काल | 10:29 से 12:12 तक |
राहुकाल, यमगंड और गुलिक को परंपरा से नई शुरुआत के लिए कम अनुकूल माना जाता है। अभिजीत को परंपरा से शुभ माना जाता है।
स्विस एफ़ेमेरिस, लाहिरी अयनांश। सूर्योदय: सूर्य का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित। मास अमांत, पूर्णिमांत साथ में।
आज का दिन आपके लिए क्या कहता है?
आपकी कुंडली इस पंचांग को आपका दिन बनाती है: आपका चंद्रमा, आपकी दशा, आपके गोचर।
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