लखनौ पंचांग, सोमवार, 3 मे, 2027
लखनौ साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण द्वादशी 20:05 पर्यंतनंतर कृष्ण त्रयोदशी 19:31 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | उत्तरा भाद्रपदा 03:19 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर रेवती 03:15 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | वैधृती 17:39 पर्यंतनंतर विष्कंभ 16:14 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | कौलव 08:04 पर्यंतनंतर तैतिल 20:05 पर्यंत; नंतर गरज 07:54 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | सोमवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | चैत्र (अमांत)वैशाख (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:27 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:40 |
| चंद्रोदय | 03:07 |
| चंद्रास्त | 15:43 |
| सूर्य राशी | मेष |
| चंद्र राशी | मीन |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:37 ते 12:30 |
|---|---|
| राहुकाळ | 07:06 ते 08:45 |
| यमगंड | 10:24 ते 12:03 |
| गुलिक काळ | 13:43 ते 15:22 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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