कोलकाता पंचांग, रविवार, 21 नोव्हेंबर, 2027
कोलकाता साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण अष्टमी 17:20 पर्यंतनंतर कृष्ण नवमी 15:29 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | मघा 21:52 पर्यंतनंतर पूर्वा फाल्गुनी 20:43 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | ऐंद्र 19:25 पर्यंतनंतर वैधृती 16:43 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बालव 06:18 पर्यंतनंतर कौलव 17:20 पर्यंत; नंतर तैतिल 04:24 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर गरज 15:29 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | रविवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | कार्तिक (अमांत)मार्गशीर्ष (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:53 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 16:52 |
| चंद्रोदय | या दिवशी नाही |
| चंद्रास्त | 12:02 |
| सूर्य राशी | वृश्चिक |
| चंद्र राशी | सिंह |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:00 ते 11:44 |
|---|---|
| राहुकाळ | 15:29 ते 16:52 |
| यमगंड | 11:22 ते 12:45 |
| गुलिक काळ | 14:07 ते 15:29 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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