कोलकाता पंचांग, बुधवार, 10 नोव्हेंबर, 2027
कोलकाता साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
सण
- कार्तिकी एकादशी
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल एकादशी 09:12 पर्यंतनंतर शुक्ल द्वादशी 10:08 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | उत्तरा भाद्रपदा 07:02 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | हर्षण 23:40 पर्यंतनंतर वज्र 22:57 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | विष्टी (भद्रा) 09:12 पर्यंतनंतर बव 21:45 पर्यंत; नंतर बालव 10:08 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | कार्तिक (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:46 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 16:55 |
| चंद्रोदय | 14:13 |
| चंद्रास्त | 02:03 |
| सूर्य राशी | तूळ |
| चंद्र राशी | मीन |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 10:58 ते 11:43अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 11:20 ते 12:44 |
| यमगंड | 07:09 ते 08:33 |
| गुलिक काळ | 09:57 ते 11:20 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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