कोलकाता पंचांग, मंगळवार, 26 ऑक्टोबर, 2027
कोलकाता साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण द्वादशी 01:04 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर कृष्ण त्रयोदशी 22:50 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वा फाल्गुनी 14:34 पर्यंतनंतर उत्तरा फाल्गुनी 13:01 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | ब्रह्म 11:44 पर्यंतनंतर ऐंद्र 08:42 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | कौलव 14:13 पर्यंतनंतर तैतिल 01:04 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर गरज 11:56 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | मंगळवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | आश्विन (अमांत)कार्तिक (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:37 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:03 |
| चंद्रोदय | 02:09 |
| चंद्रास्त | 14:40 |
| सूर्य राशी | तूळ |
| चंद्र राशी | सिंह |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 10:58 ते 11:43 |
|---|---|
| राहुकाळ | 14:12 ते 15:38 |
| यमगंड | 08:29 ते 09:55 |
| गुलिक काळ | 11:20 ते 12:46 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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