कोलकाता का पंचांग, सोमवार, 25 अक्टूबर 2027
कोलकाता के लिए, एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक की गणना।
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | कृष्ण दशमी 05:41 तकफिर कृष्ण एकादशी 03:23 (अगले दिन) तक; फिर कृष्ण द्वादशी 01:04 (अगले दिन) तक |
|---|---|
| नक्षत्र | मघा 16:09 तकफिर पूर्वा फाल्गुनी 14:34 (अगले दिन) तक |
| योग | शुक्ल 14:47 तकफिर ब्रह्म 11:44 (अगले दिन) तक |
| करण | विष्टि (भद्रा) 05:41 तकफिर बव 16:32 तक; फिर बालव 03:23 (अगले दिन) तक; फिर कौलव 14:13 (अगले दिन) तक |
| वार | सोमवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | आश्विन (अमांत)कार्तिक (पूर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शक 1949 |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 05:37 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:04 |
| चंद्रोदय | 01:09 |
| चंद्रास्त | 14:02 |
| सूर्य राशि | तुला |
| चंद्र राशि | सिंह |
दिन के समय
| अभिजीत मुहूर्त | 10:58 से 11:43 तक |
|---|---|
| राहुकाल | 07:03 से 08:29 तक |
| यमगंड | 09:55 से 11:21 तक |
| गुलिक काल | 12:46 से 14:12 तक |
राहुकाल, यमगंड और गुलिक को परंपरा से नई शुरुआत के लिए कम अनुकूल माना जाता है। अभिजीत को परंपरा से शुभ माना जाता है।
स्विस एफ़ेमेरिस, लाहिरी अयनांश। सूर्योदय: सूर्य का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित। मास अमांत, पूर्णिमांत साथ में।
आज का दिन आपके लिए क्या कहता है?
आपकी कुंडली इस पंचांग को आपका दिन बनाती है: आपका चंद्रमा, आपकी दशा, आपके गोचर।
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