कोलकाता पंचांग, सोमवार, 27 सप्टेंबर, 2027
कोलकाता साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण द्वादशी 16:56 पर्यंतनंतर कृष्ण त्रयोदशी 13:55 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | आश्लेषा 10:33 पर्यंतनंतर मघा 08:20 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | सिद्ध 11:07 पर्यंतनंतर साध्य 07:32 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | कौलव 06:24 पर्यंतनंतर तैतिल 16:56 पर्यंत; नंतर गरज 03:26 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर वणिज 13:55 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | सोमवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | भाद्रपद (अमांत)आश्विन (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:26 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:29 |
| चंद्रोदय | 02:16 |
| चंद्रास्त | 15:26 |
| सूर्य राशी | कन्या |
| चंद्र राशी | कर्क |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:03 ते 11:52 |
|---|---|
| राहुकाळ | 06:57 ते 08:27 |
| यमगंड | 09:57 ते 11:28 |
| गुलिक काळ | 12:58 ते 14:28 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
आजचा दिवस तुमच्यासाठी काय सांगतो?
तुमची पत्रिका हे पंचांग तुमच्या दिवसात बदलते: तुमचा चंद्र, तुमची दशा, तुमचे गोचर.
तुमची पत्रिका बनवा