कोलकाता पंचांग, बुधवार, 28 जुलै, 2027
कोलकाता साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण नवमी 09:16 पर्यंतनंतर कृष्ण दशमी 07:35 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | भरणी 05:47 पर्यंतनंतर कृत्तिका 04:58 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर रोहिणी 03:28 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | गंड 15:54 पर्यंतनंतर वृद्धी 13:19 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | गरज 09:16 पर्यंतनंतर वणिज 20:31 पर्यंत; नंतर विष्टी (भद्रा) 07:35 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | आषाढ (अमांत)श्रावण (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:06 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:20 |
| चंद्रोदय | या दिवशी नाही |
| चंद्रास्त | 13:22 |
| सूर्य राशी | कर्क |
| चंद्र राशी | मेष |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:16 ते 12:09अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 11:43 ते 13:22 |
| यमगंड | 06:45 ते 08:24 |
| गुलिक काळ | 10:04 ते 11:43 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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