कोलकाता पंचांग, सोमवार, 21 जून, 2027
कोलकाता साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण द्वितीया 10:36 पर्यंतनंतर कृष्ण तृतीया 13:08 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वाषाढा 05:04 पर्यंतनंतर उत्तराषाढा 08:08 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | ब्रह्म 07:51 पर्यंतनंतर ऐंद्र 08:55 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | गरज 10:36 पर्यंतनंतर वणिज 23:51 पर्यंत; नंतर विष्टी (भद्रा) 13:08 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | सोमवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | ज्येष्ठ (अमांत)आषाढ (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 04:53 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:24 |
| चंद्रोदय | 20:20 |
| चंद्रास्त | 06:33 |
| सूर्य राशी | मिथुन |
| चंद्र राशी | धनु |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:11 ते 12:05 |
|---|---|
| राहुकाळ | 06:34 ते 08:15 |
| यमगंड | 09:57 ते 11:38 |
| गुलिक काळ | 13:20 ते 15:01 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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