कोलकाता पंचांग, बुधवार, 19 मे, 2027
कोलकाता साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल चतुर्दशी 16:03 पर्यंतनंतर पौर्णिमा 16:29 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | स्वाती 12:19 पर्यंतनंतर विशाखा 13:21 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | वरीयान 23:00 पर्यंतनंतर परिघ 22:26 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | वणिज 16:03 पर्यंतनंतर विष्टी (भद्रा) 04:13 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर बव 16:29 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | वैशाख (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 04:55 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:11 |
| चंद्रोदय | 17:19 |
| चंद्रास्त | 03:39 |
| सूर्य राशी | वृषभ |
| चंद्र राशी | तूळ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:07 ते 12:00अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 11:33 ते 13:13 |
| यमगंड | 06:34 ते 08:14 |
| गुलिक काळ | 09:54 ते 11:33 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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