कोलकाता पंचांग, गुरुवार, 22 एप्रिल, 2027
कोलकाता साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण द्वितीया 03:38 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर कृष्ण तृतीया 04:21 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | विशाखा 05:32 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | सिद्धी 14:57 पर्यंतनंतर व्यतीपात 14:13 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | तैतिल 15:30 पर्यंतनंतर गरज 03:38 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर वणिज 15:55 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | गुरुवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | चैत्र (अमांत)वैशाख (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:11 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:00 |
| चंद्रोदय | 19:30 |
| चंद्रास्त | 05:43 |
| सूर्य राशी | मेष |
| चंद्र राशी | तूळ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:10 ते 12:01 |
|---|---|
| राहुकाळ | 13:11 ते 14:47 |
| यमगंड | 05:11 ते 06:47 |
| गुलिक काळ | 08:23 ते 09:59 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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