कोलकाता पंचांग, बुधवार, 24 मार्च, 2027
कोलकाता साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण द्वितीया 13:15 पर्यंतनंतर कृष्ण तृतीया 12:38 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | चित्रा 19:25 पर्यंतनंतर स्वाती 19:40 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | ध्रुव 09:15 पर्यंतनंतर व्याघात 07:31 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | गरज 13:15 पर्यंतनंतर वणिज 00:51 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर विष्टी (भद्रा) 12:38 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | फाल्गुन (अमांत)चैत्र (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:37 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:49 |
| चंद्रोदय | 19:47 |
| चंद्रास्त | 06:29 |
| सूर्य राशी | मीन |
| चंद्र राशी | कन्या |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:19 ते 12:08अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 11:43 ते 13:15 |
| यमगंड | 07:09 ते 08:40 |
| गुलिक काळ | 10:12 ते 11:43 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
आजचा दिवस तुमच्यासाठी काय सांगतो?
तुमची पत्रिका हे पंचांग तुमच्या दिवसात बदलते: तुमचा चंद्र, तुमची दशा, तुमचे गोचर.
तुमची पत्रिका बनवा