कोलकाता पंचांग, रविवार, 7 मार्च, 2027
कोलकाता साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण चतुर्दशी 13:47 पर्यंतनंतर अमावास्या 14:59 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | धनिष्ठा 06:42 पर्यंतनंतर शततारका 08:35 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | सिद्ध 03:06 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर साध्य 02:43 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | शकुनी 13:47 पर्यंतनंतर चतुष्पाद 02:27 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर नाग 14:59 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | रविवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | माघ (अमांत)फाल्गुन (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:53 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:43 |
| चंद्रोदय | 05:04 |
| चंद्रास्त | 16:53 |
| सूर्य राशी | कुंभ |
| चंद्र राशी | कुंभ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:24 ते 12:11 |
|---|---|
| राहुकाळ | 16:14 ते 17:43 |
| यमगंड | 11:48 ते 13:17 |
| गुलिक काळ | 14:45 ते 16:14 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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