कोलकाता पंचांग, शुक्रवार, 5 मार्च, 2027
कोलकाता साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण द्वादशी 09:54 पर्यंतनंतर कृष्ण त्रयोदशी 12:04 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | श्रवण 04:21 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर धनिष्ठा 06:42 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | परिघ 02:42 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर शिव 03:05 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | तैतिल 09:54 पर्यंतनंतर गरज 23:02 पर्यंत; नंतर वणिज 12:04 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | माघ (अमांत)फाल्गुन (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:55 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:42 |
| चंद्रोदय | 03:55 |
| चंद्रास्त | 15:08 |
| सूर्य राशी | कुंभ |
| चंद्र राशी | मकर |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:25 ते 12:12 |
|---|---|
| राहुकाळ | 10:20 ते 11:48 |
| यमगंड | 14:45 ते 16:13 |
| गुलिक काळ | 07:23 ते 08:51 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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