कोलकाता पंचांग, बुधवार, 3 मार्च, 2027
कोलकाता साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण एकादशी 07:25 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वाषाढा 22:34 पर्यंतनंतर उत्तराषाढा 01:36 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | व्यतीपात 01:06 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर वरीयान 02:00 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बव 18:05 पर्यंतनंतर बालव 07:25 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | माघ (अमांत)फाल्गुन (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:56 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:41 |
| चंद्रोदय | 02:32 |
| चंद्रास्त | 13:20 |
| सूर्य राशी | कुंभ |
| चंद्र राशी | धनु |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:25 ते 12:12अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 11:49 ते 13:17 |
| यमगंड | 07:24 ते 08:53 |
| गुलिक काळ | 10:21 ते 11:49 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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