कोलकाता पंचांग, शनिवार, 2 जानेवारी, 2027
कोलकाता साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण दशमी 14:25 पर्यंतनंतर कृष्ण एकादशी 16:09 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | स्वाती 19:19 पर्यंतनंतर विशाखा 21:37 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | सुकर्मा 11:28 पर्यंतनंतर धृती 11:37 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | विष्टी (भद्रा) 14:25 पर्यंतनंतर बव 03:13 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर बालव 16:09 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शनिवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | मार्गशीर्ष (अमांत)पौष (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:17 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:04 |
| चंद्रोदय | 01:27 |
| चंद्रास्त | 12:42 |
| सूर्य राशी | धनु |
| चंद्र राशी | तूळ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:19 ते 12:02 |
|---|---|
| राहुकाळ | 08:58 ते 10:19 |
| यमगंड | 13:01 ते 14:22 |
| गुलिक काळ | 06:17 ते 07:38 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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