कोलकाता पंचांग, सोमवार, 21 डिसेंबर, 2026
कोलकाता साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल द्वादशी 17:37 पर्यंतनंतर शुक्ल त्रयोदशी 14:24 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | भरणी 13:09 पर्यंतनंतर कृत्तिका 10:46 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | सिद्ध 01:32 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर साध्य 21:32 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बव 07:01 पर्यंतनंतर बालव 17:37 पर्यंत; नंतर कौलव 04:04 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर तैतिल 14:24 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | सोमवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | मार्गशीर्ष (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:12 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 16:57 |
| चंद्रोदय | 14:07 |
| चंद्रास्त | 02:58 |
| सूर्य राशी | धनु |
| चंद्र राशी | मेष |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:13 ते 11:56 |
|---|---|
| राहुकाळ | 07:32 ते 08:53 |
| यमगंड | 10:14 ते 11:34 |
| गुलिक काळ | 12:55 ते 14:16 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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