कोलकाता पंचांग, शनिवार, 24 ऑक्टोबर, 2026
कोलकाता साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल त्रयोदशी 13:37 पर्यंतनंतर शुक्ल चतुर्दशी 11:57 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | उत्तरा भाद्रपदा 20:32 पर्यंतनंतर रेवती 19:22 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | व्याघात 20:01 पर्यंतनंतर हर्षण 17:22 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | तैतिल 13:37 पर्यंतनंतर गरज 00:52 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर वणिज 11:57 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शनिवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | आश्विन (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:37 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:05 |
| चंद्रोदय | 15:40 |
| चंद्रास्त | 03:32 |
| सूर्य राशी | तूळ |
| चंद्र राशी | मीन |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 10:58 ते 11:44 |
|---|---|
| राहुकाळ | 08:29 ते 09:55 |
| यमगंड | 12:47 ते 14:13 |
| गुलिक काळ | 05:37 ते 07:03 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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