कोलकाता पंचांग, रविवार, 18 ऑक्टोबर, 2026
कोलकाता साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल सप्तमी 08:29 पर्यंतनंतर शुक्ल अष्टमी 10:52 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वाषाढा 12:49 पर्यंतनंतर उत्तराषाढा 15:39 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | सुकर्मा 23:56 पर्यंतनंतर धृती 00:35 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | वणिज 08:29 पर्यंतनंतर विष्टी (भद्रा) 21:43 पर्यंत; नंतर बव 10:52 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | रविवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | आश्विन (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:34 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:09 |
| चंद्रोदय | 12:05 |
| चंद्रास्त | 22:59 |
| सूर्य राशी | तूळ |
| चंद्र राशी | धनु |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 10:58 ते 11:45 |
|---|---|
| राहुकाळ | 15:42 ते 17:09 |
| यमगंड | 11:22 ते 12:49 |
| गुलिक काळ | 14:15 ते 15:42 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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