कोलकाता पंचांग, शुक्रवार, 2 ऑक्टोबर, 2026
कोलकाता साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण षष्ठी 10:16 पर्यंतनंतर कृष्ण सप्तमी 08:00 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | मृग 02:55 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर आर्द्रा 01:30 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | व्यतीपात 18:17 पर्यंतनंतर वरीयान 15:21 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | वणिज 10:16 पर्यंतनंतर विष्टी (भद्रा) 21:07 पर्यंत; नंतर बव 08:00 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | भाद्रपद (अमांत)आश्विन (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:28 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:24 |
| चंद्रोदय | 21:51 |
| चंद्रास्त | 11:05 |
| सूर्य राशी | कन्या |
| चंद्र राशी | वृषभ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:02 ते 11:50 |
|---|---|
| राहुकाळ | 09:56 ते 11:26 |
| यमगंड | 14:25 ते 15:54 |
| गुलिक काळ | 06:57 ते 08:27 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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