कोलकाता पंचांग, बुधवार, 23 सप्टेंबर, 2026
कोलकाता साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल द्वादशी 22:51 पर्यंतनंतर शुक्ल त्रयोदशी 23:19 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | श्रवण 09:09 पर्यंतनंतर धनिष्ठा 10:35 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | सुकर्मा 16:27 पर्यंतनंतर धृती 15:54 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बव 10:22 पर्यंतनंतर बालव 22:51 पर्यंत; नंतर कौलव 11:10 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | भाद्रपद (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:25 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:32 |
| चंद्रोदय | 15:28 |
| चंद्रास्त | 02:06 |
| सूर्य राशी | कन्या |
| चंद्र राशी | मकर |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:05 ते 11:53अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 11:29 ते 13:00 |
| यमगंड | 06:56 ते 08:27 |
| गुलिक काळ | 09:58 ते 11:29 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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