कोलकाता पंचांग, रविवार, 9 ऑगस्ट, 2026
कोलकाता साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण एकादशी 11:06 पर्यंतनंतर कृष्ण द्वादशी 08:01 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | मृग 14:43 पर्यंतनंतर आर्द्रा 12:27 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | व्याघात 05:38 पर्यंतनंतर हर्षण 02:04 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर वज्र 22:27 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बालव 11:06 पर्यंतनंतर कौलव 21:34 पर्यंत; नंतर तैतिल 08:01 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | रविवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | आषाढ (अमांत)श्रावण (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:11 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:13 |
| चंद्रोदय | 01:03 |
| चंद्रास्त | 15:21 |
| सूर्य राशी | कर्क |
| चंद्र राशी | मिथुन |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:16 ते 12:08 |
|---|---|
| राहुकाळ | 16:35 ते 18:13 |
| यमगंड | 11:42 ते 13:20 |
| गुलिक काळ | 14:57 ते 16:35 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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