कोलकाता पंचांग, शनिवार, 23 मे, 2026
कोलकाता साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल सप्तमी 05:05 पर्यंतनंतर शुक्ल अष्टमी 04:28 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर शुक्ल नवमी 04:31 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | मघा 02:09 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर पूर्वा फाल्गुनी 02:51 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | ध्रुव 06:13 पर्यंतनंतर व्याघात 04:43 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर हर्षण 03:44 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | वणिज 05:05 पर्यंतनंतर विष्टी (भद्रा) 16:41 पर्यंत; नंतर बव 04:28 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर बालव 16:25 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शनिवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | अधिक ज्येष्ठ (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 04:53 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:13 |
| चंद्रोदय | 11:20 |
| चंद्रास्त | या दिवशी नाही |
| सूर्य राशी | वृषभ |
| चंद्र राशी | सिंह |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:07 ते 12:00 |
|---|---|
| राहुकाळ | 08:13 ते 09:53 |
| यमगंड | 13:13 ते 14:53 |
| गुलिक काळ | 04:53 ते 06:33 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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