कोलकाता पंचांग, गुरुवार, 5 फेब्रुवारी, 2026
कोलकाता साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण चतुर्थी 00:23 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर कृष्ण पंचमी 01:19 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | उत्तरा फाल्गुनी 22:57 पर्यंतनंतर हस्त 00:24 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | सुकर्मा 00:04 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर धृती 23:37 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बव 12:11 पर्यंतनंतर बालव 00:23 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर कौलव 12:46 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | गुरुवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | माघ (अमांत)फाल्गुन (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2082 · शके 1947 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:14 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:27 |
| चंद्रोदय | 20:47 |
| चंद्रास्त | 08:19 |
| सूर्य राशी | मकर |
| चंद्र राशी | कन्या |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:28 ते 12:13 |
|---|---|
| राहुकाळ | 13:15 ते 14:39 |
| यमगंड | 06:14 ते 07:38 |
| गुलिक काळ | 09:02 ते 10:26 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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