कोलकाता पंचांग, शुक्रवार, 23 जानेवारी, 2026
कोलकाता साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
सण
- वसंत पंचमी
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल पंचमी 01:47 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर शुक्ल षष्ठी 00:40 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वा भाद्रपदा 14:33 पर्यंतनंतर उत्तरा भाद्रपदा 14:16 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | परिघ 15:59 पर्यंतनंतर शिव 14:01 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बव 14:11 पर्यंतनंतर बालव 01:47 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर कौलव 13:16 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | माघ (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2082 · शके 1947 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:18 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:19 |
| चंद्रोदय | 09:06 |
| चंद्रास्त | 21:30 |
| सूर्य राशी | मकर |
| चंद्र राशी | कुंभ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:26 ते 12:10 |
|---|---|
| राहुकाळ | 10:26 ते 11:48 |
| यमगंड | 14:34 ते 15:56 |
| गुलिक काळ | 07:41 ते 09:03 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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