कोलकाता पंचांग, बुधवार, 14 जानेवारी, 2026
कोलकाता साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
सण
- मकर संक्रांत
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण एकादशी 17:53 पर्यंतनंतर कृष्ण द्वादशी 20:17 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | अनुराधा 03:04 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर ज्येष्ठा 05:48 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | गंड 19:55 पर्यंतनंतर वृद्धी 20:38 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बालव 17:53 पर्यंतनंतर कौलव 07:07 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | पौष (अमांत)माघ (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2082 · शके 1947 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:19 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:13 |
| चंद्रोदय | 02:29 |
| चंद्रास्त | 13:19 |
| सूर्य राशी | धनु |
| चंद्र राशी | वृश्चिक |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:24 ते 12:07अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 11:46 ते 13:07 |
| यमगंड | 07:40 ते 09:02 |
| गुलिक काळ | 10:24 ते 11:46 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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