कोची पंचांग, सोमवार, 1 मार्च, 2027
कोची साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण नवमी 02:08 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर कृष्ण दशमी 04:45 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | ज्येष्ठा 16:27 पर्यंतनंतर मूळ 19:27 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | वज्र 23:10 पर्यंतनंतर सिद्धी 00:06 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | तैतिल 12:54 पर्यंतनंतर गरज 02:08 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर वणिज 15:25 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | सोमवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | माघ (अमांत)फाल्गुन (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:39 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:36 |
| चंद्रोदय | 01:12 |
| चंद्रास्त | 12:54 |
| सूर्य राशी | कुंभ |
| चंद्र राशी | वृश्चिक |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:14 ते 13:01 |
|---|---|
| राहुकाळ | 08:09 ते 09:38 |
| यमगंड | 11:08 ते 12:37 |
| गुलिक काळ | 14:07 ते 15:36 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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