कानपूर पंचांग, बुधवार, 15 डिसेंबर, 2027
कानपूर साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण द्वितीया 16:14 पर्यंतनंतर कृष्ण तृतीया 13:22 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | आर्द्रा 11:21 पर्यंतनंतर पुनर्वसु 09:13 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | शुक्ल 13:15 पर्यंतनंतर ब्रह्म 09:42 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | गरज 16:14 पर्यंतनंतर वणिज 02:48 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर विष्टी (भद्रा) 13:22 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | मार्गशीर्ष (अमांत)पौष (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:48 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:19 |
| चंद्रोदय | 19:07 |
| चंद्रास्त | 08:21 |
| सूर्य राशी | वृश्चिक |
| चंद्र राशी | मिथुन |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:42 ते 12:24अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 12:03 ते 13:22 |
| यमगंड | 08:07 ते 09:26 |
| गुलिक काळ | 10:45 ते 12:03 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
आजचा दिवस तुमच्यासाठी काय सांगतो?
तुमची पत्रिका हे पंचांग तुमच्या दिवसात बदलते: तुमचा चंद्र, तुमची दशा, तुमचे गोचर.
तुमची पत्रिका बनवा