कानपूर पंचांग, बुधवार, 17 नोव्हेंबर, 2027
कानपूर साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण चतुर्थी 01:36 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर कृष्ण पंचमी 23:28 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | आर्द्रा 03:18 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर पुनर्वसु 01:52 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | सिद्ध 09:48 पर्यंतनंतर साध्य 06:53 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बव 14:40 पर्यंतनंतर बालव 01:36 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर कौलव 12:32 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | कार्तिक (अमांत)मार्गशीर्ष (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:28 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:18 |
| चंद्रोदय | 20:14 |
| चंद्रास्त | 09:37 |
| सूर्य राशी | वृश्चिक |
| चंद्र राशी | मिथुन |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:32 ते 12:15अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 11:53 ते 13:15 |
| यमगंड | 07:50 ते 09:11 |
| गुलिक काळ | 10:32 ते 11:53 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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