कानपूर पंचांग, रविवार, 9 मे, 2027
कानपूर साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
सण
- अक्षय्य तृतीया
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल तृतीया 09:04 पर्यंतनंतर शुक्ल चतुर्थी 06:23 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | मृग 19:59 पर्यंतनंतर आर्द्रा 18:08 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | सुकर्मा 23:20 पर्यंतनंतर धृती 20:06 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | गरज 09:04 पर्यंतनंतर वणिज 19:43 पर्यंत; नंतर विष्टी (भद्रा) 06:23 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | रविवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | वैशाख (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:25 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:45 |
| चंद्रोदय | 07:33 |
| चंद्रास्त | 22:07 |
| सूर्य राशी | मेष |
| चंद्र राशी | वृषभ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:39 ते 12:32 |
|---|---|
| राहुकाळ | 17:05 ते 18:45 |
| यमगंड | 12:05 ते 13:45 |
| गुलिक काळ | 15:25 ते 17:05 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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