कानपूर पंचांग, बुधवार, 5 मे, 2027
कानपूर साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण चतुर्दशी 18:17 पर्यंतनंतर अमावास्या 16:29 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | अश्विनी 02:32 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर भरणी 01:18 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | प्रीती 14:15 पर्यंतनंतर आयुष्मान 11:47 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | विष्टी (भद्रा) 06:59 पर्यंतनंतर शकुनी 18:17 पर्यंत; नंतर चतुष्पाद 05:27 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर नाग 16:29 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | चैत्र (अमांत)वैशाख (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:28 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:43 |
| चंद्रोदय | 04:15 |
| चंद्रास्त | 17:45 |
| सूर्य राशी | मेष |
| चंद्र राशी | मेष |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:39 ते 12:32अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 12:06 ते 13:45 |
| यमगंड | 07:07 ते 08:47 |
| गुलिक काळ | 10:26 ते 12:06 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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