कानपूर पंचांग, गुरुवार, 3 सप्टेंबर, 2026
कानपूर साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण सप्तमी 02:26 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर कृष्ण अष्टमी 00:14 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | कृत्तिका 00:29 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर रोहिणी 23:04 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | व्याघात 18:33 पर्यंतनंतर हर्षण 15:44 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | विष्टी (भद्रा) 15:28 पर्यंतनंतर बव 02:26 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर बालव 13:21 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | गुरुवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | श्रावण (अमांत)भाद्रपद (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:49 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:27 |
| चंद्रोदय | 22:21 |
| चंद्रास्त | 11:43 |
| सूर्य राशी | सिंह |
| चंद्र राशी | मेष |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:43 ते 12:33 |
|---|---|
| राहुकाळ | 13:43 ते 15:17 |
| यमगंड | 05:49 ते 07:24 |
| गुलिक काळ | 08:58 ते 10:33 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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