कानपूर पंचांग, सोमवार, 17 ऑगस्ट, 2026
कानपूर साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
सण
- नागपंचमी
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल पंचमी 17:01 पर्यंतनंतर शुक्ल षष्ठी 17:51 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | चित्रा 04:59 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर स्वाती 06:47 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | शुभ 03:29 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर शुक्ल 03:22 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बालव 17:01 पर्यंतनंतर कौलव 05:21 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर तैतिल 17:51 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | सोमवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | श्रावण (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:41 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:44 |
| चंद्रोदय | 10:02 |
| चंद्रास्त | 21:28 |
| सूर्य राशी | कर्क |
| चंद्र राशी | कन्या |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:46 ते 12:39 |
|---|---|
| राहुकाळ | 07:19 ते 08:57 |
| यमगंड | 10:35 ते 12:13 |
| गुलिक काळ | 13:50 ते 15:28 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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