कानपूर पंचांग, गुरुवार, 13 ऑगस्ट, 2026
कानपूर साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल प्रतिपदा 20:42 पर्यंतनंतर शुक्ल द्वितीया 18:47 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | आश्लेषा 06:07 पर्यंतनंतर मघा 04:38 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर पूर्वा फाल्गुनी 03:43 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | वरीयान 12:16 पर्यंतनंतर परिघ 09:28 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | किंस्तुघ्न 09:51 पर्यंतनंतर बव 20:42 पर्यंत; नंतर बालव 07:40 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | गुरुवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | श्रावण (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:39 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:47 |
| चंद्रोदय | 06:01 |
| चंद्रास्त | 19:17 |
| सूर्य राशी | कर्क |
| चंद्र राशी | कर्क |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:47 ते 12:40 |
|---|---|
| राहुकाळ | 13:52 ते 15:30 |
| यमगंड | 05:39 ते 07:18 |
| गुलिक काळ | 08:56 ते 10:35 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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