जयपुर का पंचांग, रविवार, 28 नवंबर 2027
जयपुर के लिए, एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक की गणना।
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | अमावस्या 08:54 तकफिर शुक्ल प्रतिपदा 09:14 (अगले दिन) तक |
|---|---|
| नक्षत्र | अनुराधा 18:40 तकफिर ज्येष्ठा 19:47 (अगले दिन) तक |
| योग | सुकर्मा 03:04 (अगले दिन) तकफिर धृति 02:29 (अगले दिन) तक |
| करण | नाग 08:54 तकफिर किंस्तुघ्न 21:00 तक; फिर बव 09:14 (अगले दिन) तक |
| वार | रविवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | कार्तिक (अमांत)मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शक 1949 |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 06:56 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:33 |
| चंद्रोदय | 07:03 |
| चंद्रास्त | 17:32 |
| सूर्य राशि | वृश्चिक |
| चंद्र राशि | वृश्चिक |
दिन के समय
| अभिजीत मुहूर्त | 11:53 से 12:36 तक |
|---|---|
| राहुकाल | 16:14 से 17:33 तक |
| यमगंड | 12:15 से 13:34 तक |
| गुलिक काल | 14:54 से 16:14 तक |
राहुकाल, यमगंड और गुलिक को परंपरा से नई शुरुआत के लिए कम अनुकूल माना जाता है। अभिजीत को परंपरा से शुभ माना जाता है।
स्विस एफ़ेमेरिस, लाहिरी अयनांश। सूर्योदय: सूर्य का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित। मास अमांत, पूर्णिमांत साथ में।
आज का दिन आपके लिए क्या कहता है?
आपकी कुंडली इस पंचांग को आपका दिन बनाती है: आपका चंद्रमा, आपकी दशा, आपके गोचर।
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