जयपूर पंचांग, शनिवार, 6 नोव्हेंबर, 2027
जयपूर साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल अष्टमी 02:51 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर शुक्ल नवमी 05:24 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | श्रवण 21:26 पर्यंतनंतर धनिष्ठा 00:30 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | गंड 21:53 पर्यंतनंतर वृद्धी 22:50 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | विष्टी (भद्रा) 13:30 पर्यंतनंतर बव 02:51 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर बालव 16:09 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शनिवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | कार्तिक (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:39 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:41 |
| चंद्रोदय | 13:03 |
| चंद्रास्त | या दिवशी नाही |
| सूर्य राशी | तूळ |
| चंद्र राशी | मकर |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:48 ते 12:32 |
|---|---|
| राहुकाळ | 09:25 ते 10:48 |
| यमगंड | 13:33 ते 14:56 |
| गुलिक काळ | 06:39 ते 08:02 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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