जयपूर पंचांग, शनिवार, 9 ऑक्टोबर, 2027
जयपूर साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
सण
- दसरा (विजयादशमी)
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल नवमी 09:02 पर्यंतनंतर शुक्ल दशमी 11:41 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | उत्तराषाढा 10:18 पर्यंतनंतर श्रवण 13:25 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | सुकर्मा 13:52 पर्यंतनंतर धृती 14:53 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | कौलव 09:02 पर्यंतनंतर तैतिल 22:22 पर्यंत; नंतर गरज 11:41 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शनिवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | आश्विन (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:23 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:05 |
| चंद्रोदय | 14:31 |
| चंद्रास्त | 00:40 |
| सूर्य राशी | कन्या |
| चंद्र राशी | मकर |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:51 ते 12:37 |
|---|---|
| राहुकाळ | 09:18 ते 10:46 |
| यमगंड | 13:42 ते 15:10 |
| गुलिक काळ | 06:23 ते 07:51 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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