जयपुर का पंचांग, रविवार, 29 अगस्त 2027
जयपुर के लिए, एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक की गणना।
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | कृष्ण द्वादशी 09:36 तकफिर कृष्ण त्रयोदशी 06:13 (अगले दिन) तक |
|---|---|
| नक्षत्र | पुनर्वसु 06:18 तकफिर पुष्य 03:45 (अगले दिन) तक; फिर आश्लेषा 01:03 (अगले दिन) तक |
| योग | व्यतीपात 09:28 तकफिर वरीयान 05:35 (अगले दिन) तक; फिर परिघ 01:35 (अगले दिन) तक |
| करण | तैतिल 09:36 तकफिर गर 19:56 तक; फिर वणिज 06:13 (अगले दिन) तक |
| वार | रविवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | श्रावण (अमांत)भाद्रपद (पूर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शक 1949 |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 06:05 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:51 |
| चंद्रोदय | 03:03 |
| चंद्रास्त | 17:06 |
| सूर्य राशि | सिंह |
| चंद्र राशि | कर्क |
दिन के समय
| अभिजीत मुहूर्त | 12:02 से 12:53 तक |
|---|---|
| राहुकाल | 17:15 से 18:51 तक |
| यमगंड | 12:28 से 14:04 तक |
| गुलिक काल | 15:39 से 17:15 तक |
राहुकाल, यमगंड और गुलिक को परंपरा से नई शुरुआत के लिए कम अनुकूल माना जाता है। अभिजीत को परंपरा से शुभ माना जाता है।
स्विस एफ़ेमेरिस, लाहिरी अयनांश। सूर्योदय: सूर्य का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित। मास अमांत, पूर्णिमांत साथ में।
आज का दिन आपके लिए क्या कहता है?
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