जयपुर का पंचांग, शुक्रवार, 27 अगस्त 2027
जयपुर के लिए, एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक की गणना।
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | कृष्ण दशमी 15:26 तकफिर कृष्ण एकादशी 12:43 (अगले दिन) तक |
|---|---|
| नक्षत्र | मृगशिरा 10:23 तकफिर आर्द्रा 08:33 (अगले दिन) तक |
| योग | वज्र 16:26 तकफिर सिद्धि 13:06 (अगले दिन) तक |
| करण | विष्टि (भद्रा) 15:26 तकफिर बव 02:08 (अगले दिन) तक; फिर बालव 12:43 (अगले दिन) तक |
| वार | शुक्रवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | श्रावण (अमांत)भाद्रपद (पूर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शक 1949 |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 06:04 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:53 |
| चंद्रोदय | 00:46 |
| चंद्रास्त | 15:21 |
| सूर्य राशि | सिंह |
| चंद्र राशि | मिथुन |
दिन के समय
| अभिजीत मुहूर्त | 12:03 से 12:54 तक |
|---|---|
| राहुकाल | 10:52 से 12:28 तक |
| यमगंड | 15:41 से 17:17 तक |
| गुलिक काल | 07:40 से 09:16 तक |
राहुकाल, यमगंड और गुलिक को परंपरा से नई शुरुआत के लिए कम अनुकूल माना जाता है। अभिजीत को परंपरा से शुभ माना जाता है।
स्विस एफ़ेमेरिस, लाहिरी अयनांश। सूर्योदय: सूर्य का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित। मास अमांत, पूर्णिमांत साथ में।
आज का दिन आपके लिए क्या कहता है?
आपकी कुंडली इस पंचांग को आपका दिन बनाती है: आपका चंद्रमा, आपकी दशा, आपके गोचर।
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