जयपूर पंचांग, बुधवार, 16 जून, 2027
जयपूर साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
सण
- मोहरम
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल त्रयोदशी 03:21 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर शुक्ल चतुर्दशी 04:35 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | विशाखा 19:44 पर्यंतनंतर अनुराधा 21:30 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | शिव 06:09 पर्यंतनंतर सिद्ध 05:53 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | कौलव 14:53 पर्यंतनंतर तैतिल 03:21 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर गरज 15:55 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | ज्येष्ठ (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:32 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 19:23 |
| चंद्रोदय | 17:12 |
| चंद्रास्त | 03:02 |
| सूर्य राशी | मिथुन |
| चंद्र राशी | तूळ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:00 ते 12:55अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 12:28 ते 14:11 |
| यमगंड | 07:16 ते 09:00 |
| गुलिक काळ | 10:44 ते 12:28 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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