जयपूर पंचांग, रविवार, 6 जून, 2027
जयपूर साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल द्वितीया 18:41 पर्यंतनंतर शुक्ल तृतीया 15:26 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | आर्द्रा 02:08 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर पुनर्वसु 23:46 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | शूल 08:25 पर्यंतनंतर गंड 04:38 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर वृद्धी 00:58 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बालव 08:20 पर्यंतनंतर कौलव 18:41 पर्यंत; नंतर तैतिल 05:03 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर गरज 15:26 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | रविवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | ज्येष्ठ (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:32 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 19:19 |
| चंद्रोदय | 06:41 |
| चंद्रास्त | 21:13 |
| सूर्य राशी | वृषभ |
| चंद्र राशी | मिथुन |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:58 ते 12:53 |
|---|---|
| राहुकाळ | 17:36 ते 19:19 |
| यमगंड | 12:26 ते 14:09 |
| गुलिक काळ | 15:52 ते 17:36 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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