जयपूर पंचांग, शनिवार, 22 मे, 2027
जयपूर साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण द्वितीया 18:49 पर्यंतनंतर कृष्ण तृतीया 20:42 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | ज्येष्ठा 16:50 पर्यंतनंतर मूळ 19:17 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | सिद्ध 22:27 पर्यंतनंतर साध्य 23:02 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | तैतिल 06:02 पर्यंतनंतर गरज 18:49 पर्यंत; नंतर वणिज 07:42 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शनिवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | वैशाख (अमांत)ज्येष्ठ (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:36 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 19:11 |
| चंद्रोदय | 21:11 |
| चंद्रास्त | 06:39 |
| सूर्य राशी | वृषभ |
| चंद्र राशी | वृश्चिक |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:56 ते 12:51 |
|---|---|
| राहुकाळ | 09:00 ते 10:42 |
| यमगंड | 14:06 ते 15:47 |
| गुलिक काळ | 05:36 ते 07:18 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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