जयपुर का पंचांग, शुक्रवार, 12 मार्च 2027
जयपुर के लिए, एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक की गणना।
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | शुक्ल चतुर्थी 14:58 तकफिर शुक्ल पंचमी 13:55 (अगले दिन) तक |
|---|---|
| नक्षत्र | अश्विनी 11:22 तकफिर भरणी 11:03 (अगले दिन) तक |
| योग | इन्द्र 21:34 तकफिर वैधृति 19:30 (अगले दिन) तक |
| करण | विष्टि (भद्रा) 14:58 तकफिर बव 02:29 (अगले दिन) तक; फिर बालव 13:55 (अगले दिन) तक |
| वार | शुक्रवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | फाल्गुन (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शक 1948 |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 06:40 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:34 |
| चंद्रोदय | 08:38 |
| चंद्रास्त | 22:29 |
| सूर्य राशि | कुंभ |
| चंद्र राशि | मेष |
दिन के समय
| अभिजीत मुहूर्त | 12:13 से 13:01 तक |
|---|---|
| राहुकाल | 11:08 से 12:37 तक |
| यमगंड | 15:35 से 17:05 तक |
| गुलिक काल | 08:09 से 09:38 तक |
राहुकाल, यमगंड और गुलिक को परंपरा से नई शुरुआत के लिए कम अनुकूल माना जाता है। अभिजीत को परंपरा से शुभ माना जाता है।
स्विस एफ़ेमेरिस, लाहिरी अयनांश। सूर्योदय: सूर्य का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित। मास अमांत, पूर्णिमांत साथ में।
आज का दिन आपके लिए क्या कहता है?
आपकी कुंडली इस पंचांग को आपका दिन बनाती है: आपका चंद्रमा, आपकी दशा, आपके गोचर।
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