जयपूर पंचांग, रविवार, 14 फेब्रुवारी, 2027
जयपूर साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल अष्टमी 00:42 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर शुक्ल नवमी 22:45 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | कृत्तिका 04:47 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर रोहिणी 03:26 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | ब्रह्म 15:08 पर्यंतनंतर ऐंद्र 12:33 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | विष्टी (भद्रा) 13:29 पर्यंतनंतर बव 00:42 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर बालव 11:47 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | रविवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | माघ (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 07:04 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:18 |
| चंद्रोदय | 11:21 |
| चंद्रास्त | 00:36 |
| सूर्य राशी | कुंभ |
| चंद्र राशी | मेष |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:19 ते 13:04 |
|---|---|
| राहुकाळ | 16:54 ते 18:18 |
| यमगंड | 12:41 ते 14:05 |
| गुलिक काळ | 15:30 ते 16:54 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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