जयपूर पंचांग, बुधवार, 27 जानेवारी, 2027
जयपूर साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण षष्ठी 03:54 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर कृष्ण सप्तमी 04:03 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | हस्त 23:56 पर्यंतनंतर चित्रा 00:33 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | सुकर्मा 18:19 पर्यंतनंतर धृती 16:57 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | गरज 16:08 पर्यंतनंतर वणिज 03:54 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर विष्टी (भद्रा) 15:53 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | पौष (अमांत)माघ (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 07:14 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:05 |
| चंद्रोदय | 23:19 |
| चंद्रास्त | 10:16 |
| सूर्य राशी | मकर |
| चंद्र राशी | कन्या |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:18 ते 13:01अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 12:40 ते 14:01 |
| यमगंड | 08:36 ते 09:57 |
| गुलिक काळ | 11:18 ते 12:40 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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