जयपुर का पंचांग, गुरुवार, 17 दिसंबर 2026
जयपुर के लिए, एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक की गणना।
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | शुक्ल अष्टमी 23:26 तकफिर शुक्ल नवमी 23:15 (अगले दिन) तक |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वा भाद्रपद 15:31 तकफिर उत्तरा भाद्रपद 16:10 (अगले दिन) तक |
| योग | सिद्धि 13:21 तकफिर व्यतीपात 12:19 (अगले दिन) तक |
| करण | विष्टि (भद्रा) 11:13 तकफिर बव 23:26 तक; फिर बालव 11:27 (अगले दिन) तक |
| वार | गुरुवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | मार्गशीर्ष (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शक 1948 |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 07:09 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:37 |
| चंद्रोदय | 12:22 |
| चंद्रास्त | इस दिन नहीं |
| सूर्य राशि | धनु |
| चंद्र राशि | कुंभ |
दिन के समय
| अभिजीत मुहूर्त | 12:02 से 12:44 तक |
|---|---|
| राहुकाल | 13:41 से 15:00 तक |
| यमगंड | 07:09 से 08:27 तक |
| गुलिक काल | 09:46 से 11:04 तक |
राहुकाल, यमगंड और गुलिक को परंपरा से नई शुरुआत के लिए कम अनुकूल माना जाता है। अभिजीत को परंपरा से शुभ माना जाता है।
स्विस एफ़ेमेरिस, लाहिरी अयनांश। सूर्योदय: सूर्य का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित। मास अमांत, पूर्णिमांत साथ में।
आज का दिन आपके लिए क्या कहता है?
आपकी कुंडली इस पंचांग को आपका दिन बनाती है: आपका चंद्रमा, आपकी दशा, आपके गोचर।
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