जयपूर पंचांग, रविवार, 8 नोव्हेंबर, 2026
जयपूर साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
सण
- दिवाळी (लक्ष्मीपूजन)
- नरक चतुर्दशी
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण चतुर्दशी 11:28 पर्यंतनंतर अमावास्या 12:32 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | स्वाती 07:24 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | आयुष्मान 03:03 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर सौभाग्य 02:57 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | शकुनी 11:28 पर्यंतनंतर चतुष्पाद 23:57 पर्यंत; नंतर नाग 12:32 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | रविवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | आश्विन (अमांत)कार्तिक (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:41 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:40 |
| चंद्रोदय | 05:40 |
| चंद्रास्त | 16:48 |
| सूर्य राशी | तूळ |
| चंद्र राशी | तूळ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:48 ते 12:32 |
|---|---|
| राहुकाळ | 16:17 ते 17:40 |
| यमगंड | 12:10 ते 13:33 |
| गुलिक काळ | 14:55 ते 16:17 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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