जयपुर का पंचांग, सोमवार, 7 सितंबर 2026
जयपुर के लिए, एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक की गणना।
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | कृष्ण एकादशी 17:05 तकफिर कृष्ण द्वादशी 14:43 (अगले दिन) तक |
|---|---|
| नक्षत्र | पुनर्वसु 18:14 तकफिर पुष्य 16:39 (अगले दिन) तक |
| योग | व्यतीपात 06:41 तकफिर वरीयान 03:38 (अगले दिन) तक; फिर परिघ 00:40 (अगले दिन) तक |
| करण | बव 06:17 तकफिर बालव 17:05 तक; फिर कौलव 03:53 (अगले दिन) तक; फिर तैतिल 14:43 (अगले दिन) तक |
| वार | सोमवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | श्रावण (अमांत)भाद्रपद (पूर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शक 1948 |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 06:09 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:41 |
| चंद्रोदय | 01:46 |
| चंद्रास्त | 16:08 |
| सूर्य राशि | सिंह |
| चंद्र राशि | मिथुन |
दिन के समय
| अभिजीत मुहूर्त | 12:00 से 12:50 तक |
|---|---|
| राहुकाल | 07:43 से 09:17 तक |
| यमगंड | 10:51 से 12:25 तक |
| गुलिक काल | 13:59 से 15:33 तक |
राहुकाल, यमगंड और गुलिक को परंपरा से नई शुरुआत के लिए कम अनुकूल माना जाता है। अभिजीत को परंपरा से शुभ माना जाता है।
स्विस एफ़ेमेरिस, लाहिरी अयनांश। सूर्योदय: सूर्य का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित। मास अमांत, पूर्णिमांत साथ में।
आज का दिन आपके लिए क्या कहता है?
आपकी कुंडली इस पंचांग को आपका दिन बनाती है: आपका चंद्रमा, आपकी दशा, आपके गोचर।
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