जयपूर पंचांग, बुधवार, 27 मे, 2026
जयपूर साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
सण
- बकरी ईद
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल एकादशी 06:22 पर्यंतनंतर शुक्ल द्वादशी 07:57 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | हस्त 05:57 पर्यंतनंतर चित्रा 08:08 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | व्यतीपात 03:25 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर वरीयान 03:54 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | विष्टी (भद्रा) 06:22 पर्यंतनंतर बव 19:07 पर्यंत; नंतर बालव 07:57 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | अधिक ज्येष्ठ (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:34 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 19:14 |
| चंद्रोदय | 15:50 |
| चंद्रास्त | 02:43 |
| सूर्य राशी | वृषभ |
| चंद्र राशी | कन्या |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:57 ते 12:51अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 12:24 ते 14:07 |
| यमगंड | 07:17 ते 08:59 |
| गुलिक काळ | 10:42 ते 12:24 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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